ACB Action Bharatpur: समग्र शिक्षा के दो JEN रिश्वत लेते गिरफ्तार; SD राशि लौटाने के लिए मांग रहे थे कमीशन

By Admin

जयपुर/भरतपुर– भरतपुर के समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन पर्दे के पीछे भ्रष्टाचार का एक बड़ा खेल चल रहा था। ठेकेदारों की मेहनत का पैसा यानी ‘सिक्योरिटी डिपॉजिट’ (SD) लौटाने के नाम पर कमीशनखोरी का खुला धंधा हो रहा था। गुरुवार को जैसे ही दो इंजीनियरों ने रिश्वत के 23,400 रुपये हाथ में लिए, उनका सामना एसीबी की टीम से हो गया। पलक झपकते ही नोटों की गड्डी सबूत बन गई और दोनों अधिकारियों के हाथों में हथकड़ियां थीं। इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि पकड़े गए आरोपियों में एक स्थायी तो दूसरा संविदा कर्मी है, जो मिलकर इस ‘खेल’ को अंजाम दे रहे थे।

23,400 रुपये लेते रंगे हाथों दबोचे राजस्थान एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भरतपुर में एडीपीसी (ADPC) समग्र शिक्षा कार्यालय से जुड़े दो कनिष्ठ अभियंताओं (JEN) को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्यालय के कनिष्ठ अभियंता (सिविल) धीरेन्द्र श्रीवास्तव और कुम्हेर ब्लॉक के संविदा कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार गुप्ता शामिल हैं। दोनों को परिवादी से 23,400 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

SD राशि लौटाने के बदले मांगा था 7.1% कमीशन एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, भरतपुर चौकी को एक परिवादी से शिकायत मिली थी। परिवादी ने बताया कि उसने विभाग में कुछ निर्माण कार्य कराए थे, जिसकी सुरक्षा जमा राशि (Security Deposit – SD) वापस मिलनी थी। आरोप है कि यह जायज राशि लौटाने के एवज में दोनों इंजीनियर 7.1 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से कुल 23,400 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे और उसे लगातार परेशान किया जा रहा था।

जाल बिछाया और फंस गए दोनों इंजीनियर शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जाल बिछाया गया। उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह (एसीबी भरतपुर) के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। तय योजना के मुताबिक, जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।

संविदा कर्मी भी भ्रष्टाचार में लिप्त, जांच का दायरा बढ़ा इस कार्रवाई ने यह भी उजागर किया है कि समग्र शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें स्थायी अधिकारियों के साथ-साथ संविदा कर्मियों तक भी गहराई से फैली हुई हैं। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज कर पूछताछ जारी है। एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में विभाग के अन्य बड़े अधिकारी भी शामिल हैं या पूर्व में भी ऐसी वसूली की गई है।

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