जयपुर, भारत की अग्रणी टेस्ट प्रिपरेटरी संस्था, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) ने भारतीय सेना के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य थल सेना, नौसेना और वायुसेना के सेवारत व पूर्व सैनिकों सहित ‘अग्निवीरों’ के बच्चों को सशक्त बनाना है।
बिना किसी कोटा सीमा के मिलेगा लाभ आकाश संस्थान ने स्पष्ट किया है कि इस स्कॉलरशिप सुविधा के लिए सीटों की कोई संख्या (Quota) तय नहीं की गई है। राजस्थान सहित देशभर से जितने भी पात्र बच्चे आएंगे, उन सभी को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। यह छूट कमीशन और नॉन-कमीशन, दोनों ही श्रेणियों के अधिकारियों और जवानों के बच्चों के लिए उपलब्ध है।

हर कोर्स पर भारी छूट की व्यवस्था यह स्कॉलरशिप सुविधा 1 वर्ष और 2 वर्ष के सभी कोर्सेज पर लागू होगी। छात्रवृत्तियों का विवरण इस प्रकार है:
- शहीद सैनिकों के बच्चे: ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कर्मियों के बच्चों को केवल रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी, बाकी सभी फीस में 100% की छूट मिलेगी।
- दिव्यांग और वीरता पुरस्कार विजेता: 20% से ज्यादा विकलांगता वाले कर्मियों और वीरता पुरस्कार पाने वालों के बच्चों के लिए 100% ट्यूशन फीस माफ रहेगी।
- सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मी व अग्निवीर: इनके बच्चों को ट्यूशन फीस में 20% की छूट दी जाएगी।
मेंटरिंग और काउंसलिंग की भी सुविधा AESL के एमडी और सीईओ चंद्रशेखर गरिसा रेड्डी ने बताया कि इस साझेदारी के माध्यम से बच्चों को व्यापक मेंटरिंग और करियर काउंसलिंग भी प्रदान की जाएगी। यह सहायता वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी।
इन अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता इस ऐतिहासिक समझौते पर भारतीय सेना के कर्नल (सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3&4) और AESL के चीफ एकेडमिक एंड बिजनेस हेड (दिल्ली-एनसीआर) डॉ. यश पाल द्वारा हस्ताक्षर किए गए। हाल ही में आकाश ने सीआरपीएफ (CRPF) के बच्चों के लिए भी इसी तरह का समझौता किया था।
