चित्तौड़गढ़ (मेवाड़): मेवाड़ क्षेत्र में स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर केवल एक धार्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि अपने अनूठे और बेशकीमती चढ़ावे के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ भक्त भगवान के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त करने के लिए अक्सर अपनी सफलता से जुड़ी वस्तुओं के सोने और चांदी से बने एंटीक मॉडल अर्पित करते हैं। मंदिर के खजाने में सोने-चांदी से बने ट्रैक्टर, ट्रक, जेसीबी, बस, और यहाँ तक कि लग्जरी कार व बुलेट मोटरसाइकिल के मॉडल भी शामिल हैं। ये भेंट केवल धातु की कलाकृतियां नहीं हैं, बल्कि भक्तों की उम्मीदों और सफलताओं का जीवंत प्रतीक मानी जाती हैं।
डिजिटल इंडिया की झलक: लैपटॉप से लेकर एटीएम तक की भेंट

बदलते समय के साथ सांवलिया सेठ के दरबार में चढ़ावे का स्वरूप भी आधुनिक हो गया है। मंदिर की दिव्य इन्वेंट्री में अब सोने-चांदी के लैपटॉप और एटीएम मशीन के छोटे मॉडल भी दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं, कुछ भक्तों ने अपनी व्यावसायिक सफलता पर चांदी का पूरा पेट्रोल पंप भी भगवान को समर्पित किया है। मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव के अनुसार, यहाँ चढ़ावे की कीमत से अधिक उस ‘भाव’ का महत्व है जिसके साथ भक्त अपनी खुशियों को भगवान के साथ साझा करता है।
अनोखी परंपरा: ‘ब्लैक गोल्ड’ और फसलों का अर्पण

खेती-किसानी से जुड़े मेवाड़ क्षेत्र के भक्त अपनी पहली उपज भगवान के चरणों में रखना नहीं भूलते। यहाँ गेहूं की बालियां, लहसुन, प्याज और यहाँ तक कि अफीम के डोडे जैसे प्रतीकात्मक चढ़ावे आम बात हैं। कई किसान अपनी फसल के सोने-चांदी से बने मॉडल भी चढ़ाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि ‘सेठ के दरबार’ में अफीम यानी ‘ब्लैक गोल्ड’ की भी भेंट चढ़ाई जाती है। मंदिर मंडल इस पारदर्शी व्यवस्था के तहत अफीम को नारकोटिक्स विभाग को सुपुर्द करता है; वर्ष 2025 में भक्तों द्वारा चढ़ाई गई लगभग 58 किलोग्राम अफीम विभाग को सौंपी गई थी।
राजसी वैभव और कलात्मक वस्तुएं

इन आधुनिक मॉडलों के अलावा, मंदिर में समय-समय पर राजसी वस्तुएं भी अर्पित की जाती हैं। इनमें सोने-चांदी के रथ, सिंहासन, रत्नजड़ित मुकुट, झूमर और केसर के थाल प्रमुख हैं। भगवान के चरणचिह्न (पगलिए), झूले और हाथी-घोड़े के जोड़ों जैसी कलात्मक भेंट मंदिर के वैभव को और बढ़ाती हैं। यहाँ आने वाले हर श्रद्धालु के लिए ये वस्तुएं कौतूहल और श्रद्धा का विषय बनी रहती हैं, जो यह दर्शाती हैं कि भक्तों के लिए उनके आराध्य हर सुख-दुख और सफलता के साझेदार हैं।
श्री सांवलियाजी मंदिर: चढ़ावे की विशेष सूची
| श्रेणी | चढ़ाई जाने वाली प्रमुख वस्तुएं |
| मशीनरी मॉडल | सोने-चांदी के जेसीबी, एलएनटी, ट्रक, बस, ट्रैक्टर और कार |
| डिजिटल मॉडल | सोने-चांदी के लैपटॉप और एटीएम मशीन |
| कृषि भेंट | पहली फसल, अफीम (ब्लैक गोल्ड), सोने-चांदी के लहसुन-प्याज |
| राजसी वस्तुएं | रत्नजड़ित मुकुट, स्वर्ण सिंहासन, केसर थाल और रथ |
