करौली: राजस्थान में साइबर ठग अब वीआईपी और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम का सहारा लेकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला करौली से सामने आया है, जहाँ जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना की फोटो का उपयोग कर एक फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार की गई है। ठगों द्वारा इस प्रोफाइल के माध्यम से अधिकारियों और आमजन को मैसेज भेजकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है。
कलेक्टर की फोटो लगाकर भेजे जा रहे मैसेज
जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि एक अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर +84906218294 पर उनकी फोटो लगाकर उसे आधिकारिक प्रोफाइल बताने की कोशिश की जा रही है। ठग इस नंबर से लोगों से संपर्क कर रहे हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह नंबर और प्रोफाइल उनकी नहीं है और यह पूरी तरह से फेक है。
प्रशासनिक कार्रवाई और निर्देश
वारदात का पता चलते ही जिला कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है:
- उन्होंने पुलिस विभाग को अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
- अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचित किया गया है कि वे ऐसे किसी भी मैसेज का जवाब न दें और न ही कोई लेनदेन करें।
कलेक्टर की आमजन से अपील: बरतें ये सावधानियां
कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने साइबर सुरक्षा के मद्देनजर जनता के लिए गाइडलाइन जारी की है:
- अज्ञात नंबरों से बचें: किसी भी अज्ञात अंतरराष्ट्रीय नंबर से प्राप्त कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल का उत्तर न दें।
- गोपनीयता बनाए रखें: व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण या ओटीपी (OTP) किसी भी स्थिति में साझा न करें।
- ब्लॉक और रिपोर्ट: संदिग्ध नंबर या प्रोफाइल को तुरंत ब्लॉक करें और व्हाट्सएप पर रिपोर्ट करें।
- हेल्पलाइन का उपयोग: किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर तुरंत निकटतम थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।
“आमजन सतर्क एवं जागरूक रहें। किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड से स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।” — नीलाभ सक्सेना, जिला कलेक्टर, करौली
