CBSE 12th Board Exam 2026: बड़ा बदलाव! अब ‘ऑनस्क्रीन’ चेक होंगी कॉपियां, छात्रों को मिलेगा ‘Best of 2’ का फायदा

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी चेकिंग प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। इस साल से ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम (On-screen Marking System) लागू किया जा रहा है। इसका मतलब है कि अब पेन-पेपर की जगह कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन पर जांची जाएंगी।

क्या है नया सिस्टम? (What is On-Screen Marking?) बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार, 12वीं की परीक्षा के मूल्यांकन की प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू हो सकती है।

  • पूरी कॉपी स्कैन होगी: छात्रों की आंसर-शीट के खाली पेज भी स्कैन किए जाएंगे। एक स्कैनर 8 घंटे में लगभग 400 कॉपियां स्कैन करेगा।
  • टीचर्स के लिए सख्ती: कॉपी चेक करते समय अगर शिक्षक ने किसी पेज को बिना देखे छोड़ दिया, तो सिस्टम उसे ‘रिमाइंड’ कराएगा। जब तक हर पेज (भरा हुआ या खाली) चेक नहीं होगा, कॉपी जमा (Submit) नहीं होगी।
  • NA लिखना जरूरी: यदि छात्र ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया है, तो मार्किंग टेबल में उस सवाल के आगे NA (Not Attempted) लिखना अनिवार्य होगा।

छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी: ‘ज्यादा नंबर’ वाला उत्तर मान्य

छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर भी है। नई व्यवस्था के तहत, अगर प्रश्न पत्र में दो विकल्पों (Option A or Option B) में से किसी एक को हल करना था, लेकिन छात्र ने दोनों हल कर दिए हैं, तो जिस उत्तर में ज्यादा अंक मिलेंगे, उसे ही फाइनल रिजल्ट में जोड़ा जाएगा।

स्कूलों को चेतावनी: सहयोग नहीं तो रिजल्ट नहीं बोर्ड ने स्कूलों के लिए कड़ा रुख अपनाया है।

  • यदि कोई स्कूल मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग नहीं लेता है या शिक्षक उपलब्ध नहीं कराता है, तो उस स्कूल का रिजल्ट रोक दिया जाएगा
  • उदाहरण के लिए, यदि किसी स्कूल के 500 छात्र परीक्षा दे रहे हैं, तो उस स्कूल के शिक्षकों को सामूहिक रूप से 500 कॉपियां जांचनी होंगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

  • शिक्षक घर से कॉपी चेक नहीं कर सकेंगे। उन्हें स्कूल परिसर के रजिस्टर्ड आईपी एड्रेस (IP Address) वाले कंप्यूटर से ही लॉगिन करना होगा।
  • एक शिक्षक को एक बार में जांचने के लिए 20 कॉपियां असाइन की जाएंगी।
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