जयपुर: राजस्थान में ‘छोटी सरकार’ यानी पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। जयपुर के इंदिरा गांधी पंचायती राज भवन में आयोजित तीन दिवसीय (5 से 7 फरवरी) जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
41 जिलों के मास्टर ट्रेनर्स ने लिया भाग
राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह ने बताया कि इस सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 41 जिलों से कुल 205 मास्टर ट्रेनर्स ने हिस्सा लिया। प्रत्येक जिले से 5-5 ट्रेनर्स को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। ये ट्रेनर्स अब अपने-अपने जिलों में जाकर पोलिंग पार्टियों और स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
आयोग के सचिव श्री राजेश वर्मा ने प्रशिक्षण का समापन करते हुए कहा कि चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर्स को आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct), मतदान की बारीकियों, ईवीएम (EVM) के संचालन और मतगणना (Counting) की जटिलताओं के बारे में विस्तार से समझाया गया।
मार्च में घोषणा की संभावना
ताजा अपडेट्स के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग मार्च 2026 के पहले सप्ताह में चुनावों की अधिसूचना जारी कर सकता है। प्रदेश में करीब 14,600 ग्राम पंचायतों में तीन चरणों में चुनाव कराए जाने की योजना है। आयोग का लक्ष्य है कि 15 अप्रैल 2026 तक पूरी चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कर लिया जाए।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
- मतदाता जागरूकता: मास्टर ट्रेनर्स को मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विशेष मॉड्यूल दिए गए हैं।
- निरीक्षण और निगरानी: ट्रेनर्स को अपने जिलों में जाकर मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
- डिजिटल रिपोर्टिंग: चुनाव के दौरान रियल-टाइम डेटा अपडेट करने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण को सफल बनाने में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर मनीष कुमार गोयल, मनीष माथुर और राजेश सोनोनिया का विशेष योगदान रहा।
