जयपुर, राजस्थान में मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने और मछुआरों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए गुरुवार को टोंक रोड स्थित RLDB सभागार में ‘मत्स्य कृषक संवाद कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मत्स्य राज्य मंत्रीजवाहर सिंह बेढम ने सरकार और किसानों के बीच सीधा सेतु स्थापित करने पर जोर दिया।
पोर्टल से मिलेगी देशभर की मंडियों की जानकारी
मंत्री बेढम ने विभाग को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को अपनी उपज का सही दाम दिलाने के लिए एक विशिष्ट पोर्टल बनाया जाए। इस पोर्टल पर देशभर की प्रमुख मछली मंडियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे किसान सीधे बाजार से जुड़ सकेंगे। साथ ही, उन्होंने जयपुर में एक अत्याधुनिक मत्स्य मंडी स्थापित करने के लिए भी कृषकों को आश्वस्त किया।
विभाग में ‘छीजत’ बर्दाश्त नहीं: मंत्री की दोटूक
संवाद के दौरान मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि विभाग के कामकाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ‘छीजत’ (भ्रष्टाचार/कमी) बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- मत्स्य बीमा, ऋण सुविधा और विपणन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।
- जमीनी स्तर पर तालाब निर्माण और बीज उपलब्धता की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण हो।
- मत्स्य कृषकों को नई तकनीकों और सरकारी अनुदान का अधिकतम लाभ दिलाया जाए।
ई-ऑक्शन और वीसी के जरिए समाधान
शासन सचिव (पशुपालन एवं मत्स्य) डॉ. समित शर्मा ने कहा कि विभाग और नीति निर्माण के बीच यह संवाद एक सेतु का काम करेगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित अंतराल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए किसानों से जुड़ने और उनके लिए ई-ऑक्शन (E-Auction) प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान निदेशक संचिता विश्नोई ने विभागीय योजनाओं, अनुदान और तकनीकी सहायता पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। संवाद में प्रदेशभर से आए मछुआरों और कृषकों ने चारा उपलब्धता, बीमा और ऋण संबंधी अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा कीं।
प्रमुख सुर्खियां (Headlines)
- सीधा संवाद: मत्स्य राज्य मंत्री ने सुनी मछुआरों की पीड़ा, जयपुर में मंडी और ऑनलाइन पोर्टल का दिया भरोसा।
- सशक्त अर्थव्यवस्था: राजस्थान में मछली पालन बनेगा स्वरोजगार का बड़ा साधन, मंत्री बेढम ने की घोषणाएं।
- एक्शन मोड: मत्स्य विभाग में अब नहीं चलेगी लापरवाही, ई-ऑक्शन से पारदर्शी होगा कारोबार।
