सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की बड़ी समीक्षा: योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ACS अपर्णा अरोड़ा ने दिए ‘मिशन मोड’ पर काम के निर्देश

जयपुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) अपर्णा अरोड़ा ने गुरुवार को विभाग की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।

प्रमुख निर्देश: मिशन मोड पर होगा काम

ACS अरोड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता पर रखने को कहा:

  • पेंशन और छात्रवृत्ति: सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन और छात्रवृत्ति के लंबित मामलों को कार्ययोजना बनाकर तुरंत निपटाएं।
  • पहचान पत्र: घुमंतू एवं अर्धघुमंतू समुदायों के पहचान पत्र और दिव्यांगजनों के UDID कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
  • गुणवत्ता सुधार: प्रदेश में संचालित वृद्धाश्रम, स्वयंसिद्धा आश्रम, मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह और छात्रावासों के संचालन में गुणवत्तापूर्ण सुधार सुनिश्चित करें।
  • प्रो-एक्टिव मॉनिटरिंग: जिला स्तरीय अधिकारी केवल रिपोर्ट न देखें, बल्कि प्रो-एक्टिव होकर योजनाओं की निगरानी करें और किसी भी समस्या पर तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित करें।

छात्रवृत्ति आवेदन की तिथि बढ़ी: अब 28 फरवरी तक मौका

बैठक के दौरान निदेशक आशीष मोदी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 28 फरवरी कर दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कैंप लगाकर और व्यापक प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा पात्र छात्रों के आवेदन सुनिश्चित करें।

साथ ही, पेंशनर्स के बैंक खातों के एनपीसीआई (NPCI) सत्यापन में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए जनाधार डेटा में सुधार हेतु व्यक्तिगत संपर्क करने के भी निर्देश दिए गए।


योजनाओं की व्यापक समीक्षा

बैठक में विशेष योग्यजन आयुक्त इकबाल खान ने सिलिकोसिस सहायता, दिव्यांगजन पहचान पत्र और संयुक्त सहायता अनुदान योजना की प्रगति की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना, पालनहार, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और अंतरजातीय विवाह योजना जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति (जरूरतमंद) तक तुरंत पहुँच सके।

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