जयपुर, राजस्थान के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को जयपुर के पंत कृषि भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभाग की योजनाओं और बजट घोषणाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में की गई बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा में किया जाए ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ मिल सके।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- बजट घोषणाओं पर फोकस: मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की बजट घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- प्रगतिशील किसानों से प्रशिक्षण: प्रत्येक जिले में प्रगतिशील किसानों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे अन्य किसान फसल चक्र, उन्नत बीज चयन और खाद-बीज के संतुलित उपयोग की वैज्ञानिक तकनीकों को सीख सकेंगे।
- कस्टम हायरिंग सेंटर्स (CHC) का विस्तार: लघु एवं सीमांत किसानों को ट्रैक्टर, कल्टीवेटर और थ्रेशर जैसे आधुनिक यंत्र आसानी से उपलब्ध कराने के लिए इन केंद्रों के संचालन को और अधिक सुगम बनाने पर जोर दिया गया।
- जन शिकायत निवारण: किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय जन शिकायत निवारण बैठकों का नियमित आयोजन अनिवार्य किया गया है।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: प्रदेश में स्थापित किए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अनुसंधान और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, ताकि नई तकनीकें खेतों तक पहुँच सकें।
प्रमुख योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, बूंद-बूंद एवं फव्वारा सिंचाई, ग्रीनहाउस, शैडनेट और पॉलीहाउस जैसी अनुदान आधारित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को लक्ष्य दिया कि अधिक से अधिक किसानों को इन कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में लाया जाए।
बैठक में कृषि विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल, कृषि आयुक्त चिन्मयी गोपाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिलों के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया।
