जयपुर, उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने मंगलवार को शासन सचिवालय में आयुष विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक आयुष चिकित्सा पद्धतियों को पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. बैरवा ने आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि औषधालयों में उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आनी चाहिए।
आयुष विभाग का डिजिटल अवतार और बेसिक लैब
बैठक में विभाग की आगामी कार्ययोजनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई:
- आईटी इनेबल्ड विभाग: अब प्रदेश के सभी आयुष केंद्रों पर लैपटॉप उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे मरीजों की पर्ची ऑनलाइन जारी होगी।
- बेसिक लैब की स्थापना: वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के तहत सभी औषधालयों में लैब स्थापित की जा रही हैं। यहाँ हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन, प्रेगनेंसी, डेंगू और एचआईवी जैसी जरूरी जांचें निःशुल्क हो सकेंगी।
बुनियादी ढांचे पर ₹100 करोड़ से अधिक का निवेश
उपमुख्यमंत्री ने आयुष इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई बड़ी घोषणाओं की प्रगति जांची:
- चाकसू आयुर्वेद महाविद्यालय: जयपुर के चाकसू में ₹70 करोड़ की लागत से नवीन आयुर्वेद कॉलेज का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है।
- अस्पतालों का विस्तार: ₹15 करोड़ की लागत से 850 बेड के अस्पताल और ₹2 करोड़ की लागत से 10 बेड के नए अस्पतालों का निर्माण होगा।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर: प्रदेश के सभी 2,019 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में इन्वर्टर और फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
- औषधालयों का सुदृढ़ीकरण: 100 औषधालयों के कायाकल्प के लिए ₹30 लाख का प्रावधान किया गया है।
दवाओं की प्रचुर उपलब्धता
मंत्री ने बताया कि मरीजों को दवाओं के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत ₹39 करोड़ की आयुर्वेद औषधियां खरीदी गई हैं। साथ ही ₹8 करोड़ की यूनानी और होम्योपैथी दवाओं की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
डॉ. बैरवा ने आरोग्य मेलों, स्कूल हेल्थ कैंप और पंचकर्म चिकित्सा को जन-जन तक पहुँचाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
