जयपुर, राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश की 5,000 उचित मूल्य की दुकानों (राशन की दुकानों) को ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इन भंडारों के माध्यम से आमजन को गुणवत्तापूर्ण FMCG उत्पाद (दैनिक उपभोग की वस्तुएं) उपलब्ध कराने के लिए 3 फरवरी को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड द्वारा एफएमसीजी उत्पादों के प्रमुख एग्रीगेटर्स, उत्पादकों और वितरकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और ग्रामीण बाजार पर फोकस
सरकार का लक्ष्य राशन की दुकानों को आधुनिक मिनी सुपरमार्केट के रूप में बदलना है। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा होगी:
- एग्रीगेटर्स की भूमिका: उत्पादों की निर्बाध सप्लाई चेन सुनिश्चित करना।
- किफायती दरें: आम उपभोक्ताओं को बाजार से कम या प्रतिस्पर्धी दरों पर सामान उपलब्ध कराना।
- उत्पाद चयन: स्थानीय जरूरतों के अनुसार एफएमसीजी बास्केट तैयार करना।
स्वरोजगार और सुविधा को मिलेगा बढ़ावा
अन्नपूर्णा भंडार खुलने से न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को एक ही छत के नीचे ब्रांडेड सामान मिल सकेगा, बल्कि राशन डीलर की आय में भी वृद्धि होगी। राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड इन सुझावों के आधार पर योजना का अंतिम खाका तैयार करेगा ताकि प्रदेश के हर कोने तक उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
