जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ (MYSY) के तहत अब आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश के युवा अब अपनी एसएसओ आईडी (SSO ID) और ई-मित्र के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 12 जनवरी को इस योजना का शुभारंभ किया था और रिकॉर्ड 10 दिनों के भीतर पोर्टल को लाइव कर दिया गया है। योजना का लक्ष्य प्रदेश के एक लाख युवाओं को स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद देना है।
किसे कितना मिलेगा लाभ?
योजना के तहत शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ऋण और मार्जिन मनी का निर्धारण किया गया है:
| योग्यता | सेक्टर | ऋण सीमा (ब्याज मुक्त) | मार्जिन मनी |
| 8वीं से 12वीं पास | सेवा एवं व्यापार | ₹3.5 लाख | ₹35,000 तक |
| मैन्युफैक्चरिंग | ₹7.5 लाख | ₹35,000 तक | |
| स्नातक/ITI/उच्च शिक्षा | सेवा एवं व्यापार | ₹5 लाख | ₹50,000 तक |
| मैन्युफैक्चरिंग | ₹10 लाख | ₹50,000 तक |
खास बात: इस ऋण पर लगने वाले 100% ब्याज का पुनर्भरण राज्य सरकार करेगी। इसके अलावा सीजीटीएमएसई (CGTMSE) शुल्क का पुनर्भरण भी सरकार द्वारा किया जाएगा।
पात्रता और आवश्यक दस्तावेज
- पात्रता: आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो और आयु 18 से 45 वर्ष के बीच हो।
- संस्थान: साझेदारी फर्म या कंपनी की स्थिति में 51% से अधिक स्वामित्व पात्र आयु वर्ग के पास होना अनिवार्य है।
- दस्तावेज: आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, फोटो, शैक्षणिक/तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र।
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
- अपनी SSO ID से लॉगिन करें।
- सिटीजन एप (Citizen App) में उपलब्ध ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार (MYSY)’ आइकन पर क्लिक करें।
- फॉर्म में अपना विवरण, उद्योग का प्रकार, कार्यस्थल का पता और बैंक शाखा का चयन करें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें।
चयन प्रक्रिया: जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र पर होने वाली साप्ताहिक बैठकों में आवेदनों की समीक्षा की जाएगी और पात्र आवेदनों को ऋण स्वीकृति के लिए सीधे बैंकों को भेजा जाएगा।
स्वरोजगार से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि इस योजना से न केवल युवा आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि वे अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। सरकार का फोकस सूक्ष्म उद्यमों (Micro Enterprises) को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करना है।
