जयपुर, राज्य सरकार द्वारा आयोजित होने वाले ‘ग्राम-2026’ (ग्लोबल राजस्थान एग्री-टेक मीट) की पूर्व तैयारी और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए जयपुर जिले में विशेष ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समन्वय बैठक लेकर इन शिविरों के सफल आयोजन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
इन शिविरों का भव्य शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर होगा।
शिविरों का कार्यक्रम: कब और कहाँ?
ये शिविर प्रत्येक गिरदावर सर्किल की ग्राम पंचायतों में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। शिविरों का आयोजन कुल 10 दिवसों में होगा:
- जनवरी: 23, 24, 25 और 31 तारीख।
- फरवरी: 1 तारीख तथा 5 से 9 फरवरी तक।
विशेष नोट: ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए 22 जनवरी को सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
12 विभागों का महासंगम: मौके पर ही मिलेंगी स्वीकृतियां
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप, इन शिविरों में एक ही छत के नीचे 12 से अधिक विभागों की योजनाओं का लाभ मिलेगा। प्रमुख कार्य निम्नलिखित होंगे:
| विभाग | मुख्य लाभ और कार्य |
| कृषि एवं उद्यानिकी | तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, सोलर पंप की स्वीकृति, सॉइल हेल्थ कार्ड और बीज किट वितरण। |
| सहकारिता | मुख्यमंत्री किसान निधि का DBT, केसीसी (KCC) आवेदन और सहकारी बैंक खाते। |
| पशुपालन | मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में पंजीकरण, टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण। |
| ग्रामीण विकास | पीएम आवास योजना के तहत गृह प्रवेश और चाबी सुपुर्दगी। |
| ऊर्जा विभाग | पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत मौके पर पंजीकरण। |
| मत्स्य एवं डेयरी | मछली पालन की जानकारी, सरस बूथ आवंटन और नवीन डेयरी सदस्यता। |
बसंत पंचमी पर विशेष आकर्षण
23 जनवरी को आयोजित होने वाले पहले शिविर में सहकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री किसान निधि की राशि का DBT (Direct Benefit Transfer) किया जाएगा, जिसे ग्रामीणों के बीच एलईडी स्क्रीन पर लाइव प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, बैलों से खेती करने वाले किसानों को 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
जिला कलक्टर की सख्त हिदायत
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही स्वीकृति पत्र जारी करना है ताकि ग्रामीण विकास के संकल्प को धरातल पर उतारा जा सके।
