जयपुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राजस्थान के सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अपील की है कि जिन पेंशनर्स ने अभी तक अपना वार्षिक भौतिक सत्यापन (Annual Verification) नहीं कराया है, वे इसे तुरंत पूरा करें। निर्धारित समय सीमा में सत्यापन नहीं होने पर जनवरी माह की पेंशन रोकी जा सकती है।
क्यों जरूरी है वार्षिक सत्यापन?
नियमों के अनुसार, पेंशन जारी रखने के लिए लाभार्थियों को हर साल अपना भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य है। आम तौर पर यह प्रक्रिया 1 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच पूरी की जानी होती है। इस अवधि में चूकने वाले पेंशनर्स का भुगतान जनवरी माह से स्वतः ही रुक सकता है।
सत्यापन की 3 आसान विधियाँ
विभाग ने लाभार्थियों की सुविधा के लिए सत्यापन की कई प्रक्रियाएँ उपलब्ध कराई हैं:
- फेस रिकग्निशन (निःशुल्क): एंड्रॉयड मोबाइल ऐप ‘Rajasthan Social Pension’ और ‘Aadhar Face RD’ के माध्यम से घर बैठे चेहरा दिखाकर सत्यापन किया जा सकता है। यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है।
- ई-मित्र कियोस्क: लाभार्थी ई-मित्र पर जाकर फिंगरप्रिंट (Biometrics) के माध्यम से सत्यापन करा सकते हैं। इसके लिए ₹50 का शुल्क निर्धारित है।
- ई-मित्र प्लस: ई-मित्र प्लस केंद्रों पर यह सुविधा मात्र ₹10 के शुल्क पर उपलब्ध है।
पेंशन रुकने पर क्या करें?
यदि किसी कारणवश डिजिटल माध्यम से सत्यापन नहीं हो पाता है, तो पेंशनर को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:
- संबंधित विकास अधिकारी (BDO) या उपखंड अधिकारी (SDM) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
- अधिकारी पीपीओ नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर भौतिक सत्यापन करेंगे।
- यदि तकनीकी समस्या बनी रहती है, तो दस्तावेजों (जनाधार, आधार, पीपीओ) की जांच के बाद अधिकारी अपने मोबाइल ओटीपी के माध्यम से सत्यापन पूर्ण कर सकेंगे।
अपात्रता और भुगतान वापसी के नियम
विभाग ने ई-मित्र संचालकों को भी चेतावनी दी है कि वे सत्यापन के समय गलत विकल्प (जैसे सरकारी नौकरी या आय सीमा से अधिक) का चयन न करें, क्योंकि इससे पेंशन स्थाई रूप से बंद हो सकती है। वहीं, यदि कोई पेंशनर अपात्र पाया जाता है, तो विभाग उनसे या उनके परिवार से वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन के संकल्प के तहत, विभाग का लक्ष्य है कि सभी पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के नियमित पेंशन मिलती रहे।
