जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि जनजाति संस्कृति हमारे समाज की अनमोल धरोहर है और राज्य सरकार इसे संरक्षित करने के साथ-साथ इस समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में जनजाति विकास के हितधारकों के साथ बजट-पूर्व चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों का विश्लेषण कर उन्हें आगामी बजट में शामिल किया जाएगा।
संस्कृति का संरक्षण: बेणेश्वर और मानगढ़ धाम का विकास
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना आवश्यक है।
- ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट: बेणेश्वर धाम (डूंगरपुर) और मानगढ़ धाम (बांसवाड़ा) को विशेष सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- आदिवासी मेले: सोम, माही और जाखम नदी के संगम पर होने वाले बेणेश्वर मेले को और अधिक भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया जाएगा।
- स्मारक एवं संग्रहालय: डूंगर बरंडा, बांसिया चारपोटा में जनजाति नायकों के स्मारक और उदयपुर में ‘वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय’ का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
पीएम-जनमन और ग्राम उत्कर्ष अभियान का असर
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया:
- पीएम-जनमन अभियान: बारां जिले में 11 हजार पीएम आवास, 16 हजार बिजली कनेक्शन और 21 नए छात्रावासों का कार्य पूरा हो चुका है।
- धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान: इस योजना के तहत राजस्थान के 6,000 से अधिक गांवों का चयन किया गया है, जिससे लगभग 55 लाख जनजाति भाई-बहनों को पक्के मकान, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।
शिक्षा और कृषि पर विशेष निवेश
जनजाति युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं:
- बजट में वृद्धि: जनजाति विकास कोष को 1,000 करोड़ से बढ़ाकर 1,750 करोड़ रुपये किया गया है।
- आवासीय सुविधाएं: पिछले दो वर्षों में 9 आश्रम छात्रावास, 3 आवासीय विद्यालय और 240 नए मां-बाड़ी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। छात्रावासों का मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
- कृषि सहायता: रबी और खरीफ सीजन (2025-26) में 50 हजार जनजाति किसानों को सब्जी बीज मिनिकिट वितरित किए गए हैं।
[Image showing Tribal development fund growth and key projects]
हितधारकों के सुझावों पर मंथन
बैठक में उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, सलूंबर और बारां से आए प्रतिनिधियों ने शिक्षा, सिंचाई, चिकित्सा और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सामाजिक संस्थाओं का अनुभव बजट को अधिक प्रभावी बनाने में मददगार साबित होगा।
बैठक की मुख्य उपस्थिति
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (CMO) अखिल अरोड़ा, शासन सचिव (TAD) कुंजी लाल मीणा सहित वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
| पहल / योजना | मुख्य प्रभाव / उपलब्धि |
| ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट | पर्यटन और आजीविका को बढ़ावा |
| जनजाति विकास कोष | ₹1,750 करोड़ का प्रावधान |
| ग्राम उत्कर्ष अभियान | 6,000 गांवों का सर्वांगीण विकास |
| आदि कर्मयोगी अभियान | 1.17 लाख सहायकों को मिला प्रशिक्षण |
