विकसित राजस्थान 2047: मुख्य सचिव ने ली शिक्षा विभाग की ‘क्लास’, 41 जिलों के स्कूलों के औचक निरीक्षण के निर्देश

जयपुर, राजस्थान में स्कूली शिक्षा की कायाकल्प करने और ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को धरातल पर उतारने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को शिक्षा संकुल में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठक में उन्होंने अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर सीधे स्कूलों तक पहुँचने के निर्देश दिए हैं।

📋 15 दिन में बदलेगी तस्वीर: निरीक्षण का नया प्लान

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि अब कागजी रिपोर्ट की जगह धरातलीय सच्चाई पर फोकस होगा। इसके लिए उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • 41 जिलों का दौरा: संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी प्रदेश के सभी 41 जिलों में जाएंगे।
  • 2-2 स्कूलों का चयन: हर जिले में कम से कम दो सरकारी स्कूलों का गहन निरीक्षण किया जाएगा।
  • त्रिस्तरीय संवाद: अधिकारी केवल फाइलें नहीं देखेंगे, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधा संवाद कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
  • फीडबैक और चिंतन: निरीक्षण के 15 दिन बाद सभी अधिकारी पुनः शिक्षा संकुल में एकत्र होंगे और दो घंटे के ‘चिंतन सत्र’ में प्राप्त फीडबैक पर ठोस निर्णय लेंगे।

🚽 महिला दिवस (8 मार्च) तक डेडलाइन: टॉयलेट निर्माण अनिवार्य

छात्राओं की गरिमा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने एक महत्वपूर्ण समय-सीमा (Deadline) तय की है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में छात्राओं के लिए पृथक शौचालय नहीं हैं, वहां 8 मार्च (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस) से पहले हर हाल में टॉयलेट्स का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए।

🌟 पीएम श्री और मॉडल स्कूलों पर फोकस

बैठक में ‘पीएम श्री’ स्कूलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने बताया कि:

  1. मासिक रैंकिंग: विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) के डेटा के आधार पर पीएम श्री स्कूलों की हर महीने रैंकिंग अपडेट होगी।
  2. लर्निंग आउटकम: रैंकिंग का आधार केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि छात्रों की उपस्थिति और उनका शैक्षणिक स्तर (Academic Output) होगा।
  3. एकीकृत स्कूल मॉडल: छोटे और संसाधनहीन स्कूलों को बड़े स्कूलों (Larger Schools) के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके।

💡 प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का विजन

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं शिक्षा को ‘विकसित भारत’ का आधार बताया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार, अब डिसएग्रीगेटेड डेटा (Disaggregated Data) के आधार पर प्रत्येक स्कूल की अलग से निगरानी की जाएगी ताकि कमियों को जड़ से मिटाया जा सके।

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