SBI लोन धोखाधड़ी: CBI ने दिल्ली की एडिबल ऑयल कंपनी पर ₹8.48 करोड़ के गबन का मामला दर्ज किया

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की स्पेशल टास्क ब्रांच (STB) ने दिल्ली स्थित एक निजी खाद्य तेल (Edible Oil) ट्रेडिंग कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से लगभग 8.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

मुख्य आरोपी: सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में ‘मैसर्स नीरज सेल्स प्राइवेट लिमिटेड’ (M/s Neeraj Sales Private Limited) और इसके निदेशकों पंकज आनंद और पूनम आनंद को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा, सुभाष आनंद और अमित आनंद को गारंटर के रूप में नामजद किया गया है।

धोखाधड़ी का तरीका (Modus Operandi): एसबीआई के उप महाप्रबंधक मंजीत सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 2020 से 2023 के बीच बैंक के साथ धोखाधड़ी की साजिश रची। जांच में सामने आया कि:

  • कंपनी ने एसबीआई को वचन दिया था कि वे किसी अन्य बैंक में खाता नहीं खोलेंगे, इसके बावजूद उन्होंने कोटक महिंद्रा बैंक में एक गुप्त खाता चलाया।
  • कंपनी ने स्टॉक और बिक्री से प्राप्त राशि को एसबीआई में जमा करने के बजाय इस गुप्त खाते में डायवर्ट कर दिया।
  • बैंक की अनुमति के बिना गिरवी रखे गए माल (Hypothecated Goods) को बेच दिया या हटा दिया।
  • कंपनी ने अन्य बैंकों से लिए गए अतिरिक्त लोन की जानकारी भी छुपाई।

वित्तीय स्थिति: कंपनी का ऋण खाता पहली बार मई 2021 में एनपीए (NPA) घोषित किया गया था। बैंक ने वसूली की कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तीन संपत्तियों को बेचकर लगभग 3.93 करोड़ रुपये वसूल लिए हैं, लेकिन अभी भी 8.48 करोड़ रुपये का बकाया शेष है। सीबीआई ने इस मामले में आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है।

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