शिक्षा विभाग का बड़ा यू-टर्न: 9 माह पहले भ्रष्टाचार के आरोप में निरस्त किए गए व्यावसायिक प्रशिक्षकों के आदेश वापस

जयपुर। सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षक (Vocational Trainer) लगाने को लेकर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के अधिकारियों ने एक बड़ा ‘यू-टर्न’ लिया है। भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद जिन फर्मों के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षक लगाने का अनुबंध निरस्त किया गया था, उस निरस्त किए गए आदेश को परिषद ने 9 महीने बाद वापस ले लिया है।

मंत्री के निर्देश पर निरस्त हुआ था अनुबंध

पिछले साल जून में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पास व्यावसायिक प्रशिक्षक लगाने में भ्रष्टाचार की शिकायतें पहुंची थीं। इसके बाद दिलावर ने भी कई बार बयान दिया था कि प्लेसमेंट एजेंसियों ने इसमें गड़बड़ी की है और प्रशिक्षक लगाने के नाम पर रुपए मांगने की शिकायतें मिली हैं। मंत्री के सख्त निर्देशों के बाद परिषद ने 13 जून 2025 को 10 फर्मों के साथ हुआ अनुबंध निरस्त कर दिया था।

अब दागी फर्मों को ही मिली दोबारा छूट

हैरानी की बात यह है कि अब जिन फर्मों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं, उन्हें ही अब व्यावसायिक प्रशिक्षक लगाने की छूट दे दी गई है। बुधवार को परिषद की ओर से जारी आदेश में इन फर्मों से कहा गया है कि आवंटित स्कूलों में निर्धारित योग्यताधारी प्रशिक्षकों को 1 अप्रैल से फिर से नियोजित करना सुनिश्चित करें। इसके तहत करीब 2500 व्यावसायिक प्रशिक्षकों को स्कूलों में लगाया जाएगा।

क्या था वायरल ऑडियो का सच? (बैकग्राउंड)

  • पिछले साल जून में एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
  • इस ऑडियो में स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षक लगाने के नाम पर एक दलाल एक से डेढ़ लाख रुपए मांग रहा था और भविष्य में कोई परेशानी नहीं होने का दावा भी कर रहा था।
  • दलाल यह भी कह रहा था कि लोग तो पेपर वाली परीक्षा के लिए 10-10 लाख रुपए फेंक देते हैं, यहाँ तो सीधा काम मिल रहा है।
  • हालाँकि, उस समय परिषद के अधिकारियों ने इस ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की थी।
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