राजस्थान सरकार ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, प्रशासनिक सुधार (टाइम्स) विभाग ने शासन सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रभारी सचिवों के लिए जिले के दौरों और रात्रि विश्राम के नियमों में कड़ा बदलाव किया है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा जारी नवीनतम आदेश के अनुसार, अब सभी प्रशासनिक सचिवों को जमीनी स्तर पर योजनाओं की समीक्षा के लिए अनिवार्य रूप से जिलों का दौरा करना होगा।
नए दिशा-निर्देशों की मुख्य बातें:
- अनिवार्य जिला भ्रमण और रात्रि विश्राम: सभी प्रशासनिक सचिवों को हर महीने राज्य के विभिन्न जिलों में चार दिन का दौरा करना होगा। इस दौरान उन्हें जयपुर के बाहर कम से कम चार रात्रि विश्राम (Night Halts) करने होंगे।
- संभागीय समीक्षा बैठक: प्रत्येक प्रशासनिक सचिव के लिए हर महीने एक संभागीय स्तर की समीक्षा बैठक लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
- जिला प्रभारी सचिवों की भूमिका: जिला प्रभारी सचिवों को अपने आवंटित जिले में एक दिन का दौरा और रात्रि विश्राम करना होगा, जहाँ वे सरकार की प्रमुख योजनाओं और चल रहे प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा करेंगे।
- दौरों का नियोजन: प्रशासनिक सचिवों को अपने दौरों की योजना इस प्रकार बनानी होगी कि एक वित्तीय वर्ष में किसी भी जिले की पुनरावृत्ति (Repetition) न हो। हालांकि, सभी संभाग मुख्यालय कवर होने के बाद समीक्षा बैठक दोबारा की जा सकती है।
जवाबदेही और रिपोर्टिंग:
सरकार ने केवल दौरों तक ही सीमित न रहकर उनकी रिपोर्टिंग को भी अनिवार्य बनाया है:
- अधिकारियों को अपना विजिट नोट (Visit Note) मुख्य सचिव और संबंधित प्रशासनिक सचिव को सौंपना होगा।
- दौरे की रिपोर्ट को आधिकारिक “Times Portal” पर अपलोड करना अनिवार्य है।
- मुख्य सचिव को भेजी जाने वाली मासिक ‘DO Letter’ में भी इन दौरों और रात्रि विश्राम की स्थिति का उल्लेख करना होगा।
प्रशासन का उद्देश्य
इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानना, स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाना है। सरकार का फोकस अब फाइलों से निकलकर धरातल पर मॉनिटरिंग करने पर है।
