जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को एक छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला गरमा गया। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जमकर नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और विधायक डूंगर राम गेदर ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।
सदन में विपक्ष के कड़े तेवर
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक डूंगर राम गेदर ने इस संवेदनशील मामले को उठाया। उन्होंने बताया कि छात्रा के साथ दरिंदों ने दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी, और यह घटना पुलिस थाने से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर हुई।
विपक्ष के आरोप और मांगें:
- नशे का बढ़ता जाल: गेदर ने आरोप लगाया कि संबंधित क्षेत्र पूरी तरह से नशे की चपेट में है।
- प्रशासनिक विफलता: उन्होंने कहा कि हजारों लोग 3 दिन से धरने पर बैठे हैं, लेकिन जिला कलेक्टर अभी तक मौके पर नहीं पहुँची हैं और न ही मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
- सुरक्षा के आंकड़े: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार के आने के बाद से प्रदेश में 11,000 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएँ हुई हैं।
सरकार का जवाब:
सदन में हंगामे के बीच संसदीय कार्य राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें गहनता से जांच में लगी हुई हैं और अपराधियों की पहचान के लिए सभी माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। मंत्री ने जानकारी दी कि बीकानेर के एसपी (SP) और एडिशनल एसपी स्वयं मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति करना उचित नहीं है।
सदन में नोकझोंक और वॉकआउट:
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। टीकाराम जूली ने सवाल किया कि अपराधी आखिर कब पकड़े जाएंगे? बहस के दौरान बढ़ती तल्खी के बीच विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया, हालांकि विधायक मनीष यादव वॉकआउट में शामिल नहीं हुए और सदन में ही मौजूद रहे।
