राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहीम जारी रखते हुए भरतपुर जिले के रूपवास थाने में तैनात एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी एएसआई ने परिवादी के परिवार के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में से नाम निकालने और मदद करने की एवज में रिश्वत की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला? परिवादी अजय कुमार ने एसीबी कार्यालय भरतपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि रूपवास थाने में उनके और उनके परिवार के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज है, जिसकी जांच एएसआई प्रवीण कुमार भारद्वाज (उर्फ प्रवीण कुमार शर्मा) द्वारा की जा रही है। एएसआई प्रवीण भारद्वाज इस मुकदमे में मदद करने और नाम निकालने के बदले 15,000 रुपये की रिश्वत मांगकर उन्हें परेशान कर रहा था।
एसीबी का बिछाया जाल: एसीबी द्वारा शिकायत के गोपनीय सत्यापन के दौरान आरोपी रेंजर 12,000 रुपये रिश्वत लेने पर सहमत हुआ। 23 मार्च 2026 को जाल बिछाकर एसीबी की टीम ने आरोपी को उस समय दबोच लिया जब उसने परिवादी से 12,000 रुपये लेकर अपनी वर्दी की शर्ट की जेब में रखे थे।
रंगे हाथों गिरफ्तारी: एसीबी टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए एएसआई को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर आरोपी की वर्दी की जेब से रिश्वत की राशि बरामद हुई। आरोपी के हाथों और वर्दी की धुलाई करवाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने की वैज्ञानिक पुष्टि करता है।
आगामी कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की अग्रिम जांच उप पुलिस अधीक्षक (धौलपुर) ज्ञानचन्द मीना को सौंपी गई है।
