पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को राजस्थान एसीबी की टीम ने दिल्ली में पकड़ा है। टीम जल्द ही सुबोध अग्रवाल को जयपुर लेकर आएगी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कोर्ट ने जेजेएम घोटाले में फरार 4 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए एसीबी टीम उनके ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इस बीच उनके दिल्ली में होने का इनपुट मिला। एसीबी ने उन्हें दिल्ली से पकड़ा है।
17 फरवरी से 9 अप्रैल: जांच की पूरी टाइमलाइन

एसीबी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस मामले में जांच की प्रक्रिया सिलसिलेवार तरीके से आगे बढ़ी है:
- 17 फरवरी: रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के आवास पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दिन जलदाय विभाग के 9 अन्य अधिकारियों को भी पकड़ा गया था।
- 18 फरवरी: गिरफ्तार अधिकारियों की एसीबी कोर्ट में पेशी हुई, जहाँ से उन्हें 3 दिन की रिमांड पर भेजा गया। इसी दिन सुबोध अग्रवाल के खिलाफ ‘लुक आउट’ नोटिस भी जारी किया गया।
- 19 फरवरी: गिरफ्तारी से बचने के लिए सुबोध अग्रवाल ने कोर्ट में एसीबी की एफआईआर (FIR) रद्द करने की याचिका लगाई।
- 21 फरवरी: रिमांड खत्म होने पर सभी अधिकारियों को जेल (JC) भेज दिया गया। इसी दिन सुबोध अग्रवाल के वकील ने खुद को केस से अलग कर लिया।
- 09 अप्रैल: लगातार दबिश के बाद, आखिरकार इनपुट के आधार पर एसीबी ने सुबोध अग्रवाल को दिल्ली से पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत
एसीबी की टीम सुबोध अग्रवाल के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। इस बीच तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर उनके दिल्ली में होने की पुष्टि हुई। एसीबी की एक विशेष टीम ने दिल्ली पहुँचकर उन्हें धर दबोचा।
यह गिरफ्तारी राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में हुए करोड़ों के घोटाले की परतें अब सुबोध अग्रवाल से पूछताछ के बाद और भी साफ होने की उम्मीद है।
