अजमेर: राज्य के उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए एक निराशाजनक खबर है। प्रदेश के छह सरकारी कॉलेजों में मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) और मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) के कोर्स शुरू होने की योजना फिलहाल अटक गई है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) से मान्यता नहीं मिलने के कारण इस प्रक्रिया पर ब्रेक लगा हुआ है।
किन कॉलेजों में शुरू होने थे कोर्स? इन प्रोफेशनल कोर्सेज को सत्र 2024-25 से शुरू किया जाना था। इसके लिए निम्नलिखित कॉलेजों को चुना गया था:
- सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, अजमेर
- महारानी जया पीजी कॉलेज, भरतपुर
- राजकीय डूंगर कॉलेज, बीकानेर
- राजकीय महाविद्यालय, सांगानेर
- राजकीय महाविद्यालय, जोधपुर
- राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय, कोटा
- राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर
इन दोनों कोर्सेज के संचालन के लिए इन कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों के 56 पद भी स्वीकृत किए गए थे।
मंजूरी क्यों अटकी? (क्या हैं जरूरी शर्तें)–
नियमानुसार दोनों तकनीकी कोर्स संचालित करने के लिए AICTE की मंजूरी अनिवार्य है। करीब डेढ़ साल पहले परिषद ने इन कॉलेजों से संसाधनों को लेकर जानकारी मांगी थी। एआईसीटीई के मानकों के अनुसार कोर्स शुरू करने के लिए निम्नलिखित संसाधन जरूरी हैं:
- दोनों कोर्सेज के लिए पृथक ब्लॉक या भवन
- विद्यार्थियों के लिए हाईटेक कंप्यूटर लैब
- स्थायी और अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति
- हाईटेक लाइब्रेरी और अन्य आवश्यक संसाधन
- प्लेसमेंट सेल और कैंपस इंटरव्यू की सुविधा
अब सरकार और कॉलेज शिक्षा निदेशालय को इन शर्तों के अनुरूप जानकारी तैयार कर परिषद को भेजनी होगी, जिसके बाद ही कोर्स शुरू करने की हरी झंडी मिल सकेगी।
इन कोर्सेज के क्या हैं फायदे?
- MCA के फायदे: कंप्यूटर एप्लीकेशन डेवलपमेंट, प्रोग्रामिंग भाषाओं को समझने में आसानी, डेटाबेस प्रबंधन और कंप्यूटर नेटवर्क का ज्ञान, स्पेशल कंप्यूटर साइंस-IT की पढ़ाई।
- MBA में करियर: स्टार्टअप शुरू करने का अवसर, मैनेजमेंट सेक्टर में विभिन्न जॉब, लीडरशिप और रणनीतिक सोच का विकास, फाइनेंस, मार्केटिंग और HR में नौकरियां, लेटेस्ट बिजनेस ट्रेंड और टूल्स की जानकारी।
