प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित रिफाइनरी दौरे को लेकर राजस्थान की सियासत में हलचल तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस दौरे को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए ‘गेम चेंजर’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल राजस्थान को औद्योगिक रूप से मजबूत करेगा, बल्कि विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
कांग्रेस के ‘एग्रीमेंट’ पर तीखा प्रहार
मदन राठौड़ ने रिफाइनरी के इतिहास का जिक्र करते हुए पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
- शुरुआत और अड़चन: रिफाइनरी की नींव 2007-08 में वसुंधरा राजे सरकार ने रखी थी, लेकिन बाद में आई गहलोत सरकार ने ‘गलत एग्रीमेंट’ कर राज्य के हितों को दांव पर लगा दिया।
- वित्तीय नुकसान: पुराने एमओयू के तहत करीब 37,036 करोड़ रुपये क्रूड निकालने वाली कंपनी को 15 साल तक देने की शर्त थी। राठौड़ के अनुसार, सोनिया गांधी से शिलान्यास तो कराया गया, लेकिन कोई ठोस वित्तीय सहयोग नहीं मिला।
संशोधन से हुई ₹4,000 करोड़ की बचत
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि वसुंधरा राजे ने सत्ता में आने के बाद इस घाटे वाले सौदे को सुधारा।
- हिस्सेदारी में वृद्धि: राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाकर 12.9% की गई।
- बचत: नए समझौते से राज्य को लगभग 4,000 करोड़ रुपये की सीधी बचत हुई है। अब राजस्थान को सिर्फ 16,845 करोड़ रुपये ही वहन करने होंगे।
- रोजगार का अवसर: इस विशाल प्रोजेक्ट से प्रदेश के करीब 90 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
बालोतरा के पानी से बुझेगी रिफाइनरी की प्यास
राठौड़ ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि रिफाइनरी के संचालन के लिए पानी की भारी जरूरत होगी। इसके लिए बालोतरा के पानी को रिफाइन कर इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।
पाकिस्तान और नारी शक्ति पर भी बोले राठौड़
रिफाइनरी के अलावा मदन राठौड़ ने अंतरराष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी:
- मध्यस्थता पर तंज: ईरान युद्ध के सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका पर उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान का रुख नकल जैसा है, जिसमें अकल की कमी साफ दिखती है।”
- नारी शक्ति: उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की मंशा महिलाओं को सदनों में उचित आरक्षण देकर उन्हें सम्मानजनक स्थिति में लाने की है।
