राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में 21 अप्रैल 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बालोतरा जिले के पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस ऐतिहासिक दौरे की पुष्टि की है।
दो महीने में दूसरा दौरा: राजस्थान पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री मोदी पिछले दो महीनों में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। इससे पहले वे 28 फरवरी 2026 को अजमेर आए थे, जहाँ उन्होंने ₹16,000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया था। पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन राजस्थान के लिए गेम-चेंजर साबित होगा, जिससे बाड़मेर और जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिलों में ‘इंडस्ट्रियल क्लस्टर’ विकसित होंगे।
रिफाइनरी का सफर: लागत और चुनौतियां
इस प्रोजेक्ट का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। लागत में वृद्धि और समय सीमा में बदलाव के बावजूद यह अब हकीकत बनने जा रहा है:
| विवरण | वर्ष/तिथि | अनुमानित लागत |
| प्रथम शिलान्यास (UPA सरकार) | 22 सितंबर 2013 | ₹37,230 करोड़ |
| कार्य का औपचारिक शुभारंभ (PM मोदी) | 16 जनवरी 2018 | ₹43,129 करोड़ |
| लागत में वृद्धि (कांग्रेस सरकार) | 2 जून 2023 | ₹72,937 करोड़ |
| वर्तमान लागत (संशोधित) | जुलाई 2025/2026 | ₹79,459 करोड़ |
क्यों खास है पचपदरा रिफाइनरी?
यह रिफाइनरी तकनीक और पर्यावरण के मामले में देश की सबसे उन्नत परियोजनाओं में से एक है:
- BS-6 मानक: यहाँ उत्पादित होने वाला ईंधन सबसे आधुनिक पर्यावरण मानकों के अनुरूप होगा।
- जीरो लिक्विड डिस्चार्ज: यह देश की पहली ऐसी परियोजना है जहाँ क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के दौरान कोई भी तरल कचरा बाहर नहीं जाएगा।
- क्षमता: इसकी सालाना क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की रिफाइनिंग की है।
- अरब देशों से क्रूड: रिफाइनरी के लिए 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल विदेशों से मंगाया जाएगा, जबकि 1.5 मिलियन टन स्थानीय उत्पादन का उपयोग होगा।
कनेक्टिविटी और रोजगार
रिफाइनरी के शुरू होने से न केवल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि परिवहन के लिए बालोतरा से पचपदरा के बीच 12 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन भी बिछाई जा रही है। इससे सहायक उद्योगों का जाल बिछेगा और हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
