पश्चिमी राजस्थान के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने पचपदरा रिफाइनरी प्रोजेक्ट को बड़ी मंजूरी दी है। नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में HPCL Rajasthan Refinery Limited की संशोधित परियोजना लागत को स्वीकृति प्रदान की गई है। अब यह मेगा प्रोजेक्ट 79,459 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
लागत में बड़ा इजाफा, प्रोजेक्ट को मिली नई रफ्तार
पहले इस रिफाइनरी प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 43,129 करोड़ रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट ने Hindustan Petroleum Corporation Limited के 19,600 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश को भी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से लंबे समय से फंडिंग से जुड़ी बाधाएं दूर हो गई हैं।

1 जुलाई 2026 से शुरू होगा उत्पादन
पचपदरा (बालोतरा) स्थित इस रिफाइनरी में 1 जुलाई 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह प्रोजेक्ट तय समय सीमा में पूरा होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रोजगार का बड़ा केंद्र बनेगा रिफाइनरी
इस प्रोजेक्ट के पूरी तरह चालू होने के बाद करीब 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। निर्माण कार्य के दौरान ही लगभग 25,000 श्रमिक यहां काम कर चुके हैं। इसके अलावा लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
यह प्रोजेक्ट केवल एक रिफाइनरी नहीं बल्कि एक इंटीग्रेटेड पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। यहां सालाना 9 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA) कच्चे तेल की रिफाइनिंग की जाएगी। इससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।
राजस्थान को होंगे बड़े फायदे
1. अर्थव्यवस्था को मजबूती
इस मेगा प्रोजेक्ट से राज्य सरकार को टैक्स के रूप में भारी राजस्व प्राप्त होगा, जिससे राजस्थान की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
2. बनेगा पेट्रोकेमिकल हब
रिफाइनरी के आसपास पेट्रोकेमिकल ज़ोन विकसित होने की संभावना है, जहां प्लास्टिक, फार्मा, पेंट और पैकेजिंग से जुड़ी कई सहायक उद्योग स्थापित होंगे।
3. स्थानीय विकास को बढ़ावा
बालोतरा और बाड़मेर जैसे क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार होगा, जिससे क्षेत्र की समग्र तस्वीर बदल जाएगी।
साझेदारी और उत्पाद
यह परियोजना Hindustan Petroleum Corporation Limited (74%) और राजस्थान सरकार (26%) की संयुक्त भागीदारी में विकसित की जा रही है। यहां पेट्रोल और डीजल के अलावा पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीथीन और बेंजीन जैसे लगभग 2.4 MMTPA पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे।
Expose Now की विशेष टिप्पणी
राजस्थान रिफाइनरी देश की पहली ऐसी परियोजनाओं में से एक है, जो रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को एक साथ जोड़ती है। कैबिनेट की इस मंजूरी ने न केवल प्रोजेक्ट को नई गति दी है, बल्कि भविष्य में आने वाली वित्तीय बाधाओं को भी काफी हद तक समाप्त कर दिया है।
यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में राजस्थान को देश के प्रमुख औद्योगिक और ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
रिफाइनरी एक नजर में:
स्थान: पचपदरा, जिला-बालोतरा (राजस्थान)
साझेदारी: HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%)
उत्पाद: पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीथीन और बेंजीन जैसे 2.4 MMTPA पेट्रोकेमिकल उत्पाद।
