राज्य सरकार के निर्देशानुसार करौली जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई है। शनिवार को मंडरायल रोड स्थित सैनी छात्रावास में 19वीं सदी के महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर इन आयोजनों का विधिवत शुभारंभ किया गया।

समाज सुधार के अग्रदूत को किया याद
उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीना ने ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा:
- शिक्षा की अलख: महात्मा फुले ने अपनी पत्नी सावित्री बाई फुले के साथ मिलकर देश के प्रथम बालिका विद्यालय की स्थापना की।
- समानता का संदेश: उन्होंने वंचित वर्गों के उत्थान और सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
- जागरूकता अभियान: समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरुद्ध उन्होंने जो अलख जगाई, वह आज भी प्रासंगिक है।
14 अप्रैल तक आयोजनों का पूरा शेड्यूल
अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) तक जिले में विभिन्न जागरूकता और रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
- 12 अप्रैल (रविवार): डॉ. बी.आर. अंबेडकर का जीवन परिचय और संविधान जागरूकता कार्यक्रम। इसी दिन “संविधान को जानें” ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
- 13 अप्रैल (सोमवार): स्वच्छता अभियान और सामाजिक समरसता से जुड़ी संगोष्ठियां, व्याख्यान, पेंटिंग, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी।
- 14 अप्रैल (मंगलवार): अंबेडकर जयंती के मुख्य अवसर पर बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण, संविधान की प्रस्तावना का वाचन और संविधान की शपथ लेने जैसे गरिमामय कार्यक्रम आयोजित होंगे।
प्रमुख अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी एवं समाज कल्याण अधिकारी बबलू शर्मा, सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के सहायक निदेशक धर्मेंद्र कुमार मीणा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय आमजन उपस्थित रहे। सभी ने समाज सुधारकों के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
