खाटू मेला 2026: 35 लाख श्रद्धालुओं के लिए सजा बाबा का दरबार, दर्शन से पहले जान लें प्रशासन की ये सख्त गाइडलाइंस

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी का विश्व प्रसिद्ध फाल्गुनी लक्खी मेला आज से विधिवत रूप से शुरू हो गया है| यह महामेला 28 फरवरी 2026 तक पूरे 8 दिनों तक चलेगा| प्रशासन और मंदिर कमेटी को इस बार मेले में करीब 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है| भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए इस बार कई नए बदलाव किए गए हैं|

120 बंगाली कारीगरों ने सजाया दरबार

बाबा श्याम के दरबार को इस बार बेहद अलौकिक और भव्य रूप दिया गया है| लगभग 120 बंगाली कारीगरों ने दिन-रात मेहनत कर मंदिर परिसर को विशेष फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया है| मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार (सिंहद्वार) पर भगवान श्री कृष्ण के साथ अन्य देवी-देवताओं की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं|

दर्शन की नई व्यवस्था: 14 लाइनों में होंगे दीदार

कम समय में सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने नया मास्टर प्लान लागू किया है:

  • जिग-जैग कतारें: श्रद्धालु अब चारण मेला मैदान, लखदातार मैदान और 40 फीट के नए रास्ते से होते हुए 14 अलग-अलग लाइनों में लगकर बाबा के दर्शन करेंगे|
  • VIP दर्शन पर रोक: आम श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसलिए मेले के दौरान किसी भी प्रकार के VIP दर्शन की अनुमति नहीं होगी|
  • विशेष पैदल कॉरिडोर: रींगस से खाटूधाम तक 17 किलोमीटर लंबा विशेष सुरक्षित पैदल मार्ग बनाया गया है| हालांकि, विभिन्न मैदानों और कतारों से गुजरने के कारण पदयात्रियों को दर्शन के लिए लगभग 30 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ सकती है|

प्रशासन की सख्त गाइडलाइंस: इनका रखें ध्यान

मेले में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ कड़े नियम लागू किए गए हैं:

  • डीजे और इत्र पर बैन: मेले में डीजे (DJ) बजाने पर पूरी तरह से रोक है| साथ ही, कांच की इत्र की शीशी और कांटेदार गुलाब के फूल ले जाने की अनुमति नहीं है|
  • निशान का आकार: पदयात्रियों द्वारा लाए जाने वाले ‘निशान’ (ध्वज) की ऊंचाई 8 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए|
  • नो-व्हीकल जोन: खाटू कस्बे को पूरी तरह ‘नो-व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया है, जिससे निजी वाहन अंदर नहीं जा सकेंगे|
  • ई-रिक्शा सुविधा: बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 2000 ई-रिक्शा संचालित किए गए हैं, जिनका निश्चित किराया मात्र ₹25 तय किया गया है|

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 5 हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों और जवानों का जाब्ता तैनात किया गया है| पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से हो रही है और क्यूआर (QR) कोड आधारित आधुनिक पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है|

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