राजस्थान के करौली शहर में रामनवमी के पावन अवसर पर गुरुवार को भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। पूरा शहर ‘जय श्री राम’ के नारों से गुंजायमान रहा और सड़कें रामभक्तों के हुजूम से पट गईं। साल 2022 के दंगों की कड़वी यादों के बीच इस बार प्रशासन बेहद सतर्क नजर आया और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा संपन्न हुई।
भव्य झांकियां और संतों का सानिध्य
शोभायात्रा का आगाज मुंशी त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम से हुआ। यात्रा में 9 सजीव झांकियां और 15 घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। प्रमुख संत हरेंद्रानंद महाराज रथ पर सवार होकर भक्तों को आशीर्वाद देते नजर आए। यह यात्रा शहर के गुलाब बाग सर्किल, जिला अस्पताल, हिण्डौन दरवाजा, फूटाकोट और हटवाड़ा बाजार होते हुए अंबेडकर सर्किल स्थित हनुमान मंदिर पर संपन्न हुई।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
यात्रा के दौरान शहर में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। लक्ष्मी पैलेस के पास किन्नर समाज ने पानी की बोतलें वितरित कीं, तो वहीं हटवाड़ा बाजार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रामभक्तों पर फूल बरसाकर कौमी एकता और सौहार्द की मिसाल पेश की।
सुरक्षा का अभेद्य किला: ड्रोन से निगरानी

2022 की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी:
- 800 पुलिस जवान और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात रहे।
- ड्रोन कैमरों के जरिए पूरी यात्रा की निगरानी की गई।
- सुरक्षा की दृष्टि से मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली गलियों को बैरिकेड्स लगाकर सील किया गया।
- जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना और एसपी लोकेश सोनवाल स्वयं धरातल पर मॉनिटरिंग करते दिखे।
यूजीसी (UGC) बिल का विरोध भी दिखा
धार्मिक उल्लास के बीच इस बार यूजीसी बिल को लेकर विरोध भी धरातल पर दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान का असर दिखा, जहां कुछ प्रबुद्धजनों ने विरोध स्वरूप यात्रा में शामिल न होकर घरों पर केसरिया झंडा लगाया और राजनीतिक दलों के प्रति नाराजगी जाहिर की।
प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
यात्रा के सफल समापन पर कमेटी अध्यक्ष शेरसिंह बैंसला, विधायक दर्शन सिंह, पूर्व विधायक महारानी रोहिणी देवी और भाजपा नेत्री इंदु देवी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने आमजन का आभार जताया। प्रशासन की ओर से एडीएम हेमराज परिडवाल, एसडीएम प्रेमराज मीना और डीएसपी अनुज शुभम सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
