जोधपुर में भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है, जहां एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर वाहन चालक से रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता रामप्रकाश (उम्र 30 वर्ष), निवासी झाक, बिलाड़ा, पेशे से ड्राइवर हैं और बोलेरो पिकअप वाहन चलाते हैं। उन्होंने ACB को दी शिकायत में बताया कि 19 जनवरी 2026 को वह अपने वाहन में बच्चों के खिलौने लेकर भाटी सर्किल जा रहे थे।
इसी दौरान भाटी सर्किल पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी बलदेव सिंह ने उनका वाहन रुकवाया और ड्राइविंग लाइसेंस मांगा। लाइसेंस देने पर आरोपी पुलिसकर्मी ने 5000 रुपये का चालान बनाने की बात कही।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने पैसे नहीं होने की बात कही, तो पुलिसकर्मी ने उनका लाइसेंस अपने पास रख लिया और 5000 रुपये लेकर मिलने को कहा। जबकि वाहन के सभी कागजात जैसे इंश्योरेंस, फिटनेस, PUC और RC पूरी तरह से सही थे।
रामप्रकाश ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने चालान का डर दिखाकर उनसे रिश्वत की मांग की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी से उनका कोई निजी विवाद या लेन-देन नहीं है।
ACB की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद ACB जोधपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक जांच में इसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत अपराध माना। इसके बाद उप अधीक्षक पुलिस किशनसिंह चारण को जांच सौंपी गई।
मामले की पुष्टि के लिए ACB टीम ने डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर के जरिए रिश्वत मांग की बातचीत का गोपनीय सत्यापन कराया। इसके लिए हेड कांस्टेबल को शिकायतकर्ता के साथ भेजा गया, ताकि आरोपी के साथ बातचीत रिकॉर्ड की जा सके।
कानूनी स्थिति
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है और आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है। ACB द्वारा रिश्वत के मामलों में सख्त कार्रवाई का यह एक और उदाहरण माना जा रहा है।
