राजधानी की पश्चिम जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शहर के पॉश इलाकों में चोरी और नकबजनी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है । पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से लाखों के जेवरात और नकदी बरामद की है । ये बदमाश खुद को ‘ऑनलाइन बिजनेसमैन’ बताकर पड़ोसियों और पुलिस की नजरों से बचे हुए थे ।
किराए के कमरे को बनाया ‘क्राइम हेडक्वार्टर’
पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) प्रशांत किरण के निर्देशन में खोराबीसल थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया । गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान देव प्रताप सिंह शेखावत (21) और रुद्राक्ष मिश्रा (22) के रूप में हुई है ।
इन बदमाशों ने जयपुर के करधनी इलाके में एक कमरा किराए पर ले रखा था । पूछताछ में सामने आया कि ये केवल वारदातों को अंजाम देने के उद्देश्य से अपने परिवारों से दूर यहाँ रह रहे थे । खुद को ऑनलाइन व्यापार से जुड़ा बताकर इन्होंने लंबे समय तक अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाए रखा ।
वारदात का तरीका: दिन में रेकी, रात में सफाई
यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था:
- रेकी: दिन के समय ये बदमाश पॉश कॉलोनियों में घूमते थे और उन घरों को चिन्हित करते थे जहाँ ताले लटके होते थे ।
- वारदात: रात के समय ताले तोड़कर ये गिरोह चंद मिनटों में चोरी की घटना को अंजाम दे देता था ।
- छिपाने का तरीका: पकड़े जाने के डर से ये चुराए गए माल को अपने किराए के कमरे की ‘फॉल्स सीलिंग’ में छिपाकर रखते थे ।
भारी मात्रा में माल और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- नकदी: कुल 2,74,607 रुपये नकद ।
- सोने के जेवरात: तीन जोड़ी कान की बालियां, चार पात्तड़ी और एक अंगूठी ।
- चांदी के जेवरात: सात अंगूठियां, पांच जोड़ी पायजेब और कुल छह सिक्के (दो बड़े, चार छोटे) ।
- वाहन: वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटी (नंबर MP 09 DM 6075) ।
एक दर्जन से अधिक वारदातों का कबूलनामा
सहायक पुलिस आयुक्त (झोटवाड़ा) आलोक सैनी और थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपियों को पकड़ा । प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खोराबीसल, करधनी और कालवाड़ इलाकों में 12 से अधिक नकबजनी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है ।
पुलिस की अपील: पुलिस ने आमजन से आग्रह किया है कि घर से बाहर जाते समय सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध करें और अपने आसपास रहने वाले संदिग्ध किराएदारों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में दें ।
