राजधानी जयपुर में सरकारी राशन वितरण प्रणाली (PDS) में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। रसद विभाग की सतर्कता जांच में खुलासा हुआ है कि एक ट्रांसपोर्ट फर्म ने 34 राशन दुकानों तक पहुँचने वाले 1790 क्विंटल गेहूं को डकार लिया और उसे खुले बाजार में बेच दिया। करीब 53 लाख रुपये के इस गबन को छिपाने के लिए ट्रांसपोर्टर ने मार्च के कोटे को फरवरी का बताकर विभाग को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन विजिलेंस की टीम ने इस ‘कागजी खेल’ को पकड़ लिया।
सांगानेर सदर थाने में FIR दर्ज
जयपुर रसद ऑफिस-सेकंड के प्रवर्तन अधिकारी निशांत पंचोली ने इस मामले में सांगानेर सदर थाने में बुधवार को एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर जिले में राशन सप्लाई का जिम्मा एम/एस भरत लाल शिव सहाय एण्ड संस के पास था। फर्म के प्रोपराइटर विनोद कुमार शर्मा (निवासी अलवर) के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी माल के गबन की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
1790 क्विंटल गेहूं 34 ट्रकों से चोरी
| क्रमांक | गाड़ी नंबर | वजन (क्विंटल) |
| 01 | RJ-14-GL-1102 | 7.507 |
| 02 | RJ-14-GD-5435 | 10.34.55 |
| 03 | RJ-52-GB-2914 | 71.5697 |
| 04 | RJ-52-GB-2914 | 66.47 |
| 05 | RJ-29-GB-5041 | 160.14 |
| 06 | RJ-14-GL-1102 | 72.19 |
| 07 | RJ-02-GB-0377 | 106.74 |
| 08 | RJ-02-GA-9451 | 14.665 |
| 09 | RJ-02-GB-0377 | 53.54 |
| 10 | RJ-14-GL-1102 | 18.55 |
| 11 | RJ-14-GL-1102 | 47.99 |
| 12 | RJ-14-GD-5240 | 88.60 |
| 13 | RJ-14-GP-9194 | 56.26 |
| 14 | RJ-14-GB-2162 | 24.1016 |
| 15 | RJ-14-GB-2162 | 38.95 |
| 16 | RJ-14-GD-2306 | 74.485 |
| 17 | RJ-52-GB-2914 | 9.36 |
| 18 | RJ-14-GD-9486 | 84.748 |
| 19 | RJ-14-GD-2765 | 43.0862 |
| 20 | RJ-14-GD-9486 | 14.014 |
| 21 | RJ-14-GD-2765 | 131.67 |
| 22 | RJ-14-GD-9486 | 55.164 |
| 23 | RJ-05-GB-3082 | 76.93 |
| 24 | RJ-52-GB-1522 | 28.734 |
| 25 | RJ-14-GL-1102 | 13.2116 |
| 26 | RJ-14-GL-1102 | 42.451 |
| 27 | RJ-32-GA-9889 | 22.56 |
| 28 | RJ-52-GB-1522 | 42.51 |
| 29 | RJ-52-GB-1522 | 75.71 |
| 30 | RJ-14-GL-6648 | 50.23 |
| 31 | RJ-52-GB-4618 | 78.35 |
| 32 | RJ-52-GB-4618 | 80.76 |
| 33 | RJ-52-GB-4618 | 51.344 |
| 34 | RJ-02-GA-9451 | 14.665 |
| — | — | — |
| टोटल | 1789.92 |
विजिलेंस जांच में खुली ‘काले कारोबार’ की पोल
खाद्य विभाग की विजिलेंस टीम ने जब राशन दुकानों के स्टॉक का मिलान किया, तो पाया कि जयपुर के चौमूं, चाकसू, जालसू, आमेर, आंधी, जमवारामगढ़, बस्सी और झोटवाड़ा क्षेत्र की 34 दुकानों तक फरवरी का गेहूं पहुँचा ही नहीं।
- चोरी का तरीका: जांच में सामने आया कि ट्रांसपोर्टर ने हर ट्रक से थोड़ा-थोड़ा गेहूं गायब किया ताकि किसी को शक न हो।
- पकड़े जाने का डर: जब दुकानदारों ने शिकायत की, तो ट्रांसपोर्टर ने गड़बड़ी छिपाने के लिए मार्च 2026 के कोटे से 1311 क्विंटल गेहूं उन दुकानों पर भेज दिया और उसे फरवरी की सप्लाई बता दिया।
₹53 लाख की वसूली की तैयारी
पुलिस और विभाग की शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रांसपोर्टर ने जानबूझकर सरकारी गेहूं की कालाबाजारी की है। खाद्य विभाग ने अब फर्म से 53 लाख रुपये की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सांगानेर सदर थाना पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस खेल में रसद विभाग या डिपो के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल थे।
