जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें राजधानी जयपुर के विकास का एक नया रोडमैप तैयार किया गया है। ‘जनआकांक्षाओं को समर्पित’ इस बजट में जयपुर को विश्वस्तरीय महानगर बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यटन पर विशेष फोकस किया गया है।
सरकार का दावा है कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि जयपुर के सुनियोजित और संतुलित विकास की प्रतिबद्धता है। आइए जानते हैं इस बजट में जयपुरवासियों को क्या-क्या बड़ी सौगातें मिली हैं।
1. ट्रैफिक जाम से मुक्ति: 1000 करोड़ का प्लान और नई एलिवेटेड रोड जयपुर की बढ़ती यातायात समस्या को देखते हुए बजट में ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- एलिवेटेड रोड: अरण्य भवन से जगतपुरा आरओबी तक 4.40 किलोमीटर लंबी नई एलिवेटेड रोड बनेगी, जिस पर 560 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- अंडरपास और सड़कें: पुरानी चुंगी (अजमेर रोड) पर अंडरपास का निर्माण होगा। इसके अलावा बेनाड़ रोड, कालवाड़ रोड, खातीपुरा रोड और मानसरोवर में सेक्टर सड़कों का विकास किया जाएगा।
- हाईवे: दूदू से लालसोट वाया फागी-चाकसू-तूंगा 135 किलोमीटर लंबा स्टेट हाईवे (675 करोड़ रुपये) बनाया जाएगा।
2. हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर: जेके लोन और एसएमएस को संजीवनी चिकित्सा सुविधाओं को हाईटेक बनाने के लिए सरकार ने जयपुर के प्रमुख अस्पतालों के लिए खजाना खोल दिया है:
- जेके लोन अस्पताल: 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का नया आईपीडी (IPD) टावर और पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग बनेगा।
- एसएमएस अस्पताल: यहां मेंटल हेल्थ के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना होगी और 12 नए मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनाए जाएंगे।
- आरयूएचएस (RUHS): 200 बेड का पीडियाट्रिक आईपीडी और आईसीयू विकसित किया जाएगा।
3. पानी की समस्या का स्थायी समाधान गर्मी में पेयजल संकट से निपटने और दीर्घकालिक समाधान के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं:
- सूरजपुरा-चाकसू लाइन: 650 करोड़ रुपये की लागत से नई ट्रांसमिशन लाइन डाली जाएगी, जिससे चाकसू और बस्सी सहित 1092 गांवों की 20 लाख आबादी की प्यास बुझेगी।
- समर प्लान: शहर और जिले में 600 ट्यूबवेल और 1200 हैंडपंप लगाए जाएंगे। साथ ही, जयपुर में 10 करोड़ रुपये से ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वाटर मैनेजमेंट’ बनेगा।
4. शिक्षा, खेल और पर्यटन को बढ़ावा
- पर्यटन: आमेर किले और कस्बे में 50 करोड़ रुपये से विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित होंगी। जमवारामगढ़ के बाकी माता मंदिर में रोप-वे और जवाहर कला केंद्र में 15 करोड़ से शिल्पग्राम बनेगा।
- खेल और शिक्षा: महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साइंस पार्क में स्पेस गैलरी और चिल्ड्रन गैलरी बनेगी। बगरू महाविद्यालय को पीजी में क्रमोन्नत किया जाएगा।
5. प्रशासनिक और औद्योगिक विकास प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने के लिए सांगानेर में मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाएगा। वहीं, औद्योगिक विकास को गति देने के लिए फागी, चौमूं, मौजमाबाद और दूदू में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। सीतापुरा और विश्वकर्मा जैसे क्षेत्रों में सुविधाओं के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विश्वास जताया है कि इन घोषणाओं के धरातल पर उतरने से जयपुर न केवल एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहर बनेगा, बल्कि पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयां छुएगा।
