निर्वाचन आयोग की ‘तीसरी आंख’ बनेंगे राजस्थान के अफसर: 29 IAS और 10 IPS के जिम्मे पांच राज्यों की साख

जयपुर: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है, लेकिन इस बार चुनावी बिसात पर असली मोहरे राजस्थान के वो दिग्गज अधिकारी होंगे, जिन्हें निर्वाचन आयोग ने अपनी ‘तीसरी आंख’ बनाकर मैदान में उतारा है। देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की जिम्मेदारी अब इन अधिकारियों के कंधों पर है। EXPOSE NOW की इस विशेष रिपोर्ट में देखिए कैसे राजस्थान कैडर के 39 जांबाज अफसर (29 IAS और 10 IPS) दूसरे राज्यों में लोकतंत्र के पहरेदार बनकर पहुंच रहे हैं।

बड़ी खबर: निष्पक्ष चुनाव के लिए राजस्थान का ‘सुपर-39’ दस्ता तैनात

केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राजस्थान कैडर पर बड़ा भरोसा जताते हुए पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी और गोवा जैसे संवेदनशील राज्यों की कमान प्रदेश के अनुभवी हाथों में सौंपी है। इन राज्यों की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियां बेहद जटिल हैं। ऐसे में इन अधिकारियों का मिशन स्पष्ट है: धांधली रोकना, आचार संहिता का हंटर चलाना और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करना। चुनाव के दौरान ये अफसर सीधे दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन को अपनी रिपोर्ट सौपेंगे।

मिशन पश्चिम बंगाल: दिग्गजों के जिम्मे सबसे बड़ी चुनौती

पश्चिम बंगाल के हाई-प्रोफाइल चुनाव के लिए राजस्थान ने अपने सबसे कड़क अधिकारियों की फौज भेजी है। बंगाल का चुनावी माहौल हमेशा से संवेदनशील रहा है, इसलिए वहाँ विशेष मॉनिटरिंग की आवश्यकता होती है:

  • IAS की टोली: डॉ. समित शर्मा, नवीन जैन, रवि जैन, और आनंदी जैसे तेजतर्रार अफसरों के साथ-साथ शिवप्रसाद नकाते, नकाते शिवप्रसाद, और सौरभ स्वामी जैसे रणनीतिकार बंगाल के चप्पे-पप्पे पर नजर रखेंगे। चुनाव आयोग ने प्रशासनिक कसावट के लिए इन नामों पर मुहर लगाई है।
  • IPS का पहरा: सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए रुपिंदर सिंह, दीपक कुमार और विकास कुमार जैसे IPS अधिकारियों को चुनावी मोर्चे पर तैनात किया गया है। इनका मुख्य कार्य भयमुक्त माहौल में मतदान करवाना होगा।

दक्षिण का द्वार: तमिलनाडु और पुडुचेरी में राजस्थान का दम

सिर्फ पूर्वी भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के चुनावी समर में भी राजस्थान के अधिकारियों का दबदबा देखने को मिलेगा।

  • तमिलनाडु की राजनीतिक गर्मी को शांत रखने के लिए कृष्ण कुणाल, रवि कुमार सुरपुर और शुचि त्यागी जैसे अनुभवी IAS अधिकारियों को ऑब्जर्वर बनाया गया है।
  • वहीं, लेडी सिंघम के नाम से मशहूर IPS लता मनोज और प्रफुल्ल कुमार तमिलनाडु में सुरक्षा की कमान संभालेंगे।
  • दूसरी ओर, केंद्र शासित प्रदेशों में भी कड़ी नजर रखी जाएगी। IPS डॉ. प्रीति चंद्रा पुडुचेरी में चुनाव की शुचिता बनाए रखने का जिम्मा संभालेंगी।

किसे, कहाँ मिली जिम्मेदारी? (एक नज़र में)

चुनाव आयोग द्वारा आवंटित राज्यों और उनमें तैनात मुख्य ऑब्जर्वर्स (IAS/IPS) की सूची इस प्रकार है:

राज्य का नाममुख्य ऑब्जर्वर्स (IAS/IPS)
असमशिवांगी स्वर्णकार, हिम्मत सिंह बारहठ (IAS), अंशुमान भौमिया (IPS)
केरलअनुपमा जोरवाल (IAS), विष्णु कांत, परम ज्योति (IPS)
गोवापूजा कुमारी पार्थ (IAS)
गुजरातमातादीन मीणा (IAS)
पुडुचेरीअजय असवाल (IAS)
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