-तत्कालीन सब पोस्टमास्टर दिनेश कुमार बैरवा ने किया लाखों का गबन
भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए ‘Expose Now’ आज एक ऐसे मामले का खुलासा कर रहा है, जहाँ जनता की गाढ़ी कमाई की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले ने ही उसे अपनी जागीर समझ लिया । मामला चित्तौड़गढ़ जिले के निकुंभ उप डाकघर का है, जहाँ के तत्कालीन सब पोस्टमास्टर दिनेश कुमार बैरवा ने करीब 98.46 लाख रुपये का बड़ा घोटाला किया है।
CBI ने कसी नकेल, दर्ज हुई FIR:-
इस सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB), जोधपुर ने इस मामले में FIR नंबर RC0312026A0001 दर्ज की है। विभाग की अधीक्षक पूजा वर्मा द्वारा सौंपी गई शिकायत के बाद CBI इंस्पेक्टर मदन लाल बेनीवाल को इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह मामला 02 जनवरी 2026 को दर्ज किया गया, जिसमें तत्कालीन सब पोस्टमास्टर दिनेश कुमार बैरवा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। निलंबित सब पोस्टमास्टर दिनेश कुमार बैरवा, जो मूल रूप से करौली के टोडाभीम का निवासी है, उसने विभाग को करीब एक करोड़ का चूना लगाया है। निलंबित सब पोस्टमास्टर दिनेश कुमार बैरवा द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल सरकारी धन की लूट है, बल्कि जनता के भरोसे का कत्ल भी है।
कैसे हुआ करोड़ों का खेल?
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 22 नवंबर 2024 से 16 जुलाई 2025 के बीच अपने पद का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी की नई मिसाल पेश की। आरोपी ने बैंक से भारी मात्रा में नकद राशि निकाली लेकिन उसे उसी दिन सरकारी खातों में दर्ज नहीं किया। ग्राहकों के नाम पर फर्जी रिकरिंग डिपॉजिट (RD) लोन के आवेदन तैयार किए गए। अचला मेहता (₹3 लाख), प्रियंका भानावत (₹1 लाख) और राकेश खटीक (₹2.25 लाख) जैसे खाताधारकों के जाली हस्ताक्षर कर पैसे निकाल लिए गए। शुरुआती जांच में 44.45 लाख रुपये का अस्थायी और 54.01 लाख रुपये का स्थाई गबन सामने आया है।
इन धाराओं में फंसा आरोपी:-
CBI ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (धोखाधड़ी), 336 (जालसाजी), 338, 340 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 13(2) व 13(1)(a) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी फिलहाल निलंबित चल रहा है। अब CBI इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घोटाले के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है? क्या उच्चाधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा गबन संभव था? ‘Expose Now’ इस मामले की जांच पर लगातार नजर बनाएं हुए है।
