(ब्यूरो रिपोर्ट / बस्सी-जयपुर): जयपुर जिले के बस्सी तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया । जमीन बंटवारे (तकासमा) का काम करने के एवज में पटवारी के इशारे पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक ग्राम प्रतिहारी (सहायक) को गिरफ्तार किया गया । एसीबी ने मुख्य आरोपी पटवारी को भी मौके से धर दबोचा ।
जमीन बंटवारे के नाम पर मांगी घूस
मानसर खेड़ी निवासी राकेश कुमार शर्मा ने 9 मार्च 2026 को एसीबी में शिकायत दी थी । परिवादी के पिता और चाचा के नाम पर संयुक्त जमीन थी, जिसका आपसी सहमति से बंटवारा होना था । इस काम के लिए मानसर खेड़ी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे पटवारी विक्रम बुनकर ने शुरुआत में 50 हजार रुपये मांगे । बाद में 30 हजार रुपये में सौदा तय हुआ ।
‘पैसे काम होने के बाद लूंगा, अशोक से बात कर लो’
एसीबी ने 12 मार्च 2026 को ट्रैप की योजना बनाई । परिवादी 30 हजार रुपये लेकर बस्सी तहसील कार्यालय पहुंचा । वहां पटवारी विक्रम बुनकर ने सीधे पैसे लेने से इनकार किया और परिवादी को अपने सहायक ग्राम प्रतिहारी अशोक शर्मा से बात करने को कहा । अशोक शर्मा ने परिवादी से 30 हजार रुपये लेकर अपनी पैंट की बाईं जेब में रख लिए ।
धुलाई में गुलाबी हुए हाथ और दोनों गिरफ्तार
इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने मौके पर दबिश दी । टीम ने अशोक शर्मा को पकड़कर उसके हाथों की धुलाई करवाई, जिससे पानी का रंग गुलाबी हो गया । उसकी जेब से 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई । पूछताछ में मुख्य आरोपी पटवारी विक्रम बुनकर ने रिश्वत मांगने से साफ इनकार किया । हालांकि, एसीबी की वॉयस रिकॉर्डिंग में उसकी संलिप्तता स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुई । एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम जांच शुरू की ।
