राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शनिवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की है। करौली एसीबी टीम ने एक आकस्मिक चेकिंग के दौरान अंता (बारां) नगर पालिका में तैनात सहायक अभियंता (AEN) महेन्द्र सिंह को ₹3,70,000 की संदिग्ध अवैध राशि के साथ हिरासत में लिया है।
खुफिया इनपुट पर बिछाया गया जाल
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो मुख्यालय को पुख्ता सूचना मिली थी कि बारां जिले की अंता नगर पालिका में पदस्थापित सहायक अभियंता महेन्द्र सिंह ने भ्रष्टाचार के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध राशि एकत्रित की है। सूचना यह भी थी कि वह शुक्रवार शाम या शनिवार सुबह इस राशि को लेकर अपने निजी निवास हिण्डौन सिटी (जिला करौली) जाने वाला है।
बयाना रोड पर आकस्मिक चेकिंग में धरे गए

सूचना के आधार पर उप महानिरीक्षक पुलिस (एसीबी) डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एक टीम गठित की गई। करौली एसीबी के चौकी प्रभारी जगदीश भारद्वाज के नेतृत्व में टीम ने बयाना रोड, हिण्डौन सिटी पर नाकाबंदी कर आकस्मिक चेकिंग शुरू की। इस दौरान जब महेन्द्र सिंह की तलाशी ली गई, तो उनके पास से 3,70,000 रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद हुई।
संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया आरोपी
जब एसीबी टीम ने सहायक अभियंता से इतनी बड़ी राशि के स्रोत और दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की, तो वह कोई भी ठोस सबूत या संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका। प्रथम दृष्टया राशि अवैध प्रतीत होने पर उसे जब्त कर लिया गया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई।
जारी है ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और एस. परिमला के निर्देशन में आरोपी एईएन से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। वहीं, एसीबी की अन्य टीमें आरोपी के हिण्डौन सिटी और अन्य ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों का पता लगाया जा सके।
Expose Now की अपील: यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी आपके काम के बदले रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार में संलिप्त है, तो तुरंत एसीबी की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
