संघ के शताब्दी वर्ष की तैयारी: क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने दिया ‘पंच परिवर्तन’ का मंत्र, राष्ट्रहित का लिया संकल्प

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्वावधान में रविवार को करौली नगर में एक प्रमुख जन गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम उपस्थित रहे, जिन्होंने संघ के आगामी शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र “पंच परिवर्तन” रहा, जिसके माध्यम से समाज को नई दिशा देने का आह्वान किया गया।

‘पंच परिवर्तन’ से होगा राष्ट्र निर्माण

अपने मार्गदर्शक उद्बोधन में निम्बाराम ने कहा कि समाज में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव तभी संभव है जब हम व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर सुधार करें। उन्होंने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में निर्धारित “पंच परिवर्तन” के पांच प्रमुख स्तंभों पर जोर दिया:

  1. सामाजिक समरसता: जातिगत भेदभाव मिटाकर एकात्म समाज का निर्माण।
  2. पर्यावरण संरक्षण: जल, जमीन और हरियाली की रक्षा।
  3. कुटुंब प्रबोधन: परिवार में संस्कारों और भारतीय मूल्यों का बीजारोपण।
  4. स्वदेशी भावना: स्वावलंबन के लिए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता।
  5. नागरिक कर्तव्य: राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूकता।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे इन मूल्यों को केवल विचार न समझें, बल्कि अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

जिज्ञासा समाधान और प्रबुद्ध चर्चा

गोष्ठी के दौरान उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने समसामयिक विषयों और सामाजिक चुनौतियों पर अपनी शंकाएं रखीं, जिनका क्षेत्र प्रचारक ने तर्कपूर्ण समाधान किया। इससे पूर्व, कार्यक्रम की प्रस्तावना जिला सहकार्यवाह धर्मेन्द्र सिंह ने रखी, जिसमें उन्होंने गोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

गणमान्य जनों की उपस्थिति

कार्यक्रम के अंत में जिला संघचालक देवीसिंह बदनपुरा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग प्रचारक दीपक, नगर के प्रबुद्ध नागरिक, विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। गोष्ठी का समापन सभी उपस्थित जनों द्वारा राष्ट्रहित में निस्वार्थ भाव से कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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